बैंक धोखाधड़ी पर ईडी का कड़ा प्रहार: एसबीआई को लौटाई गई ₹1.69 करोड़ की संपत्ति
Assets worth ₹1.69 crore returned to SBI
शिमला। ED cracks down on bank fraud: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) शिमला ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.69 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को वापस कर दिया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जब्त की गई संपत्तियों को वास्तविक दावेदारों को लौटाने की प्रक्रिया के तहत की गई है। ईडी के अनुसार यह मामला एम/एस अरविंद कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े आरोपितों द्वारा वित्तीय संस्थानों से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण हासिल करने से जुड़ा है।
जांच में सामने आया कि कंपनी ने वर्ष 2014 में बैंक से क्रेडिट सुविधाएं लेने के लिए गलत जानकारी और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। इसके बाद ऋण की राशि को निर्धारित उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने के बजाय अन्य संबंधित कंपनियों में डायवर्ट कर दिया गया, जिससे बैंकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
यह जांच राज्य के ऊना जिले के हरोली थाना में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। एफआईआर में कंपनी और अन्य आरोपितों पर धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाए गए थे। ईडी की जांच के दौरान इस मामले में करीब 3.51 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की गई थीं। इन संपत्तियों की जब्ती को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अधिनिर्णायक प्राधिकरण ने भी पुष्टि दी थी।
इसके अलावा ईडी ने 15 जून 2020 को धर्मशाला स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की थी। अदालत ने 1 मार्च 2021 को इस शिकायत पर संज्ञान लिया था। अब ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में पीड़ित संस्थानों को राहत देने के उद्देश्य से अदालत के समक्ष नो ऑब्जेक्शन दायर किया, जिसके आधार पर अदालत ने 1.69 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में जारी करने की अनुमति दे दी। ईडी ने बताया कि इससे पहले भी इसी मामले में 1.44 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति बैंक ऑफ इंडिया को लौटाई जा चुकी है।